हम न कहते थे कि 'हाली' चुप रहो रास्त-गोई में है रुस्वाई बहुत

“Did we not warn you, 'Hali, hold your peace'? / For speaking the truth brings only great disgrace.”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

क्या हम नहीं कहते थे कि हाली चुप रहो, सच बोलने में बहुत बदनामी और रुसवाई होती है।

विस्तार

हाली इस शेर में एक कड़वे सामाजिक सच को बड़ी बेबाकी और चुटीले अंदाज़ में बयां करते हैं। शायर खुद से ही किसी हमदर्द दोस्त की तरह कह रहा है कि सच बोलने का अंजाम देख लिया, हमने तो पहले ही खामोश रहने को कहा था। यह शेर उस दुनिया पर एक गहरा तंज़ है जहाँ खुशामद और झूठ को अपनाया जाता है, और हक़ बात कहने वाले के हिस्से में सिर्फ रुस्वाई और बदनामी आती है।

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