“Take heed, O wayfarers, and stay alert; suspicion of robbery falls upon the guides themselves.”
ऐ मुसाफ़िरो, सतर्क और सावधान रहो क्योंकि लूटपाट का शक ख़ुद रास्ता दिखाने वाले रहनुमाओं पर है।
यह शेर ज़िंदगी के मुसाफ़िरों को एक गहरी और चुभती हुई चेतावनी देता है कि वे आँख मूँदकर किसी के पीछे न चलें। शायर का कहना है कि रास्ते में लुटने का ख़तरा बाहर के डाकुओं से कम, बल्कि उन्हीं अगुआओं और रहनुमाओं से ज़्यादा है जिन पर मंज़िल तक पहुँचाने का भरोसा किया गया था। यह शेर समाज और सियासत के उन रहनुमाओं पर एक तल्ख़ तंज़ है जो जनता की रहबरी के नाम पर उसी के भरोसे को छलते हैं।
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