क़फ़स में जी नहीं लगता किसी तरह लगा दो आग कोई आशियाँ में

“My heart finds no peace inside this cage, no solace anywhere; Let someone set the nest ablaze, and end my longing there.”

— अल्ताफ़ हुसैन हाली
अर्थ

इस पिंजरे में किसी भी तरह मेरा दिल नहीं लग रहा है, कोई जाकर मेरे घोंसले में आग लगा दे।

विस्तार

इस शेर में क़ैद और बेबसी का एक बेहद मार्मिक पहलू सामने आता है। पिंजरे में बंद परिंदे का दिल जब किसी भी तरह नहीं बहलता, तो वह आज़ादी की दुआ माँगने के बजाय अपने ही आशियाने को आग लगा देने की बात करता है। असल में, जब तक दूर छूटा हुआ आशियाना सलामत रहता है, उसकी याद और उम्मीद क़ैदी को चैन से जीने नहीं देती; इसलिए वह उस आस को ही ख़ाक कर देना चाहता है ताकि तड़प हमेशा के लिए ख़त्म हो जाए।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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