Sukhan AI
राम जाने क्या काम मैं ही खुद को,सर्प की तरह लपेटा हूँ!

God knows for what reason, I myself,Like a snake, have coiled around myself.

अमृत घायल
अर्थ

भगवान जाने किस कारण से मैं खुद ही खुद को एक साँप की तरह लपेटे हुए हूँ।

विस्तार

यह शेर एक बहुत गहरे रहस्य और अपनी ताकत को छुपाने की बात करता है। शायर यहाँ खुद को साँप के रूप में लपेटने की उपमा देते हैं, जिसका मतलब है कि वह बहुत सतर्क और खतरनाक हो चुका है। वह कह रहे हैं कि उनका यह हाल या उनकी यह स्थिति, यह केवल कोई ऊपरवाला ही जान सकता है। यह सिर्फ़ एक चेतावनी है कि उन्हें हल्के में नहीं लेना!

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.