“Oh, the intoxication of this love, don't let it leave me, The wounds are bleeding, my heart is in turmoil. My sanity, forgotten by my own hands, Has been made to dance by your love, and I am lost.”
इस इश्क़ के क़हर से मुझे दूर मत करना माँ। घाव बह रहे हैं, और मेरा दिल बेचैन है। मेरी अक़्ल मेरे अपने हाथों से भुला दी गई है, और तुम्हारे इश्क़ ने मुझे नचाकर खो दिया है।
यह शेर प्रेम के उस नशीले रंग का वर्णन करता है, जिसे शायर कहते हैं 'इश्क़'। बुल्ले शाह यहाँ अपने महबूब से गुहार लगाते हैं कि वे उन्हें कभी न छोड़ें। वह कहते हैं कि इस इश्क़ के जादू ने उनकी अक्ल और समझ को पूरी तरह बिखेर दिया है। यह समर्पण की भावना है, जहाँ प्रेमी अपनी सारी तर्कशक्ति को प्रेम के आगे समर्पित कर देता है।
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