3) Ganga gaya gal mukde naheen
4) Pawain so so gotey khaeey
“The Ganges has no place to go, The winds have scattered the leaves.”
— बुल्ले शाह
अर्थ
गंगा जाने का कोई मुड़ नहीं है। पवन ने तो पत्ते खाए हैं।
विस्तार
Bulleh Shah यहाँ प्रकृति की एक अद्भुत तस्वीर पेश करते हैं। गंगा नदी का प्रवाह स्वयं में इतना शक्तिशाली है कि वह किसी वादे की बात नहीं करती। जिस तरह पवन ने छोटे-छोटे घर खा लिए, वह हमें याद दिलाता है कि जीवन के वादे भी क्षणभंगुर हैं। शायर हमें सिखाते हैं कि हमें अपनी उम्मीदों को किसी भी ऐसी चीज़ से नहीं जोड़ना चाहिए जो समय के साथ मिट जाए।
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