“The knowledge that does not follow the count, The life that is yours, never will be attained. If you want just one letter of the alphabet, Then simply dedicate yourself to knowledge, my friend.”
जिस ज्ञान की गिनती नहीं है, वह समय व्यर्थ है, और तुम्हारा जीवन कभी हासिल नहीं होगा। अगर तुम्हें बस एक अक्षर चाहिए, तो मेरे दोस्त, ज्ञान को समर्पित हो जाओ।
Bulleh Shah हमें समझाते हैं कि ज्ञान और जीवन का सार किसी माप में नहीं समा सकता। वह कहते हैं कि समय और अनुभव को बांधना नामुमकिन है। लेकिन इस गहरे सफर के लिए, महबूब को केवल एक शुद्ध बिंदु चाहिए—बस एक 'अलिफ़'। यह शेर हमें याद दिलाता है कि आत्मिक ज्ञान की खोज किसी गिनती या वर्षों के संग्रह में नहीं है, बल्कि हृदय की सादगी और समर्पण में है।
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
