“In a vision, His shining face appeared to me, And fragrance streamed profusely from His tresses; I fainted at the sight of these visions, Overwhelmed by the brilliance of His eyes.”
एक दृष्टि में, उनका चमकता चेहरा मुझे दिखाई दिया, और उनके केशों से महक की प्रचुरता फैली; मैं इन दृश्यों को देखकर बेहोश हो गई; उनकी आँखों की भीड़ ने मुझे अभिभूत कर दिया।
यह शेर दिव्य सौंदर्य के मादक अनुभव को बयान करता है। बुलले शाह बताते हैं कि एक ऐसे दर्शन में, महबूब का मुख और उनके केशों की खुशबू इतनी तीव्र है कि वह बेहोश हो जाते हैं। यह *इश्क़-ए-हक़ीक़ी* का एक उत्कृष्ट चित्रण है, जहाँ सांसारिक इंद्रियाँ भी आध्यात्मिक कृपा के आगे हार मान लेती हैं। यह शायर की भक्ति का एक अद्भुत प्रमाण है।
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