“The entire gathering was left rapt with longing upon hearing it; tell me, whose unfinished tale was that?”
पूरी महफ़िल जिसे सुनकर और अधिक सुनने की चाहत में बेचैन रह गई, बताओ वह अधूरा ज़िक्र किसका था?
सोचिए कि महफ़िल में किसी की ऐसी अधूरी दास्तान छिड़ी कि सब उसे सुनते ही रह गए और प्यास दिल में बाक़ी रह गई। इस शेर का हुस्न इस बात में है कि जो कहानी अधूरी छूट जाती है, वो ज़हन में सबसे गहरा असर छोड़ती है। शायर बड़े भोलेपन से पूछता है कि वो अधूरा ज़िक्र आख़िर किसका था, मानो वो छुपते-छुपाते अपनी ही बेपनाह मोहब्बत की दास्तान बयान कर रहा हो।
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