मेहरबानी-हा-ए-दुश्मन की शिकायत कीजिए
ता बयाँ कीजे सिपास-ए-लज़्ज़त-ए-आज़ार-ए-दोस्त
“Complain of the enemy's 'favors' now,I pray,To tell the sweet pain of the beloved's cruel sway.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
दुश्मन की मेहरबानियों की शिकायत कीजिए, ताकि आप दोस्त (प्रिय) के दिए हुए दर्द के आनंद के लिए आभार व्यक्त कर सकें।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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