गिर्या चाहे है ख़राबी मिरे काशाने की
दर ओ दीवार से टपके है बयाबाँ होना
“My weeping craves the ruin of my dwelling, From doors and walls, a wilderness seems to drip.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरा रोना मेरे घर की बर्बादी चाहता है। मेरे घर के दरवाज़ों और दीवारों से वीराना टपक रहा है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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