नज़र राहत पे मेरी कर न वा'दा शब के आने का
कि मेरी ख़्वाब-बंदी के लिए होगा फ़ुसूँ वो भी
“Gaze not upon my seeming ease, and promise not the night's arrival,For even that will prove a charm, to banish slumber's light.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरी आराम को मत देखो, और रात के आने का वादा भी मत करो, क्योंकि वह भी मेरी नींद को रोकने के लिए एक जादू बन जाएगा।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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