Sukhan AI
ख़त्त-ए-आरिज़ से लिखा है ज़ुल्फ़ को उल्फ़त ने 'अह्द यक-क़लम मंज़ूर है जो कुछ परेशानी करे

Love, by the cheek's soft line, to tresses has a covenant writ,Whatever disarray they bring, entirely it deems fit.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

उल्फ़त (प्रेम) ने आरिज़ (गाल) की रेखा से ज़ुल्फ़ों (बालों) के साथ एक अहद (समझौता) लिखा है। ज़ुल्फ़ें (बाल) जो कुछ भी परेशानी पैदा करें, वह पूरी तरह से मंज़ूर है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.