हर बुल-हवस ने हुस्न-परस्ती शिआ'र की
अब आबरू-ए-शेवा-ए-अहल-ए-नज़र गई
“Every lustful heart now seeks beauty's acclaim; the discerning lover's honour is now but a name.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हर लालची व्यक्ति ने सौंदर्य-पूजा को अपना लिया है। अब समझदार व्यक्तियों के देखने के तरीके का सम्मान चला गया है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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