आग से पानी में बुझते वक़्त उठती है सदा
हर कोई दरमांदगी में नाले से नाचार है
“A sound emerges from fire, when in water it finds its end,In helplessness, every soul to a mournful cry does bend.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
जब आग पानी में बुझती है तो उससे एक आवाज़ निकलती है। हर कोई अपनी लाचारी में आह-ओ-फरियाद करने पर मजबूर होता है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
