Sukhan AI
फ़ाएदा क्या सोच आख़िर तू भी दाना है 'असद' दोस्ती नादाँ की है जी का ज़ियाँ हो जाएगा

What good is thinking, Asad, you too are wise, after all, why dwell?A fool's companionship, your very life will ruin and dispel.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

असद, इतना सोचने का क्या फ़ायदा, तुम भी तो आखिर समझदार हो। नादान की दोस्ती से तो जान का नुक़सान ही होगा।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.