वाँ रंग-हा ब-पर्दा-ए-तदबीर हैं हुनूज़
याँ शोला-ए-चराग़ है बर्ग-ए-हिना मुझे
“There, myriad hues remain veiled by contrivance;Here, the lamp's flame itself is my henna leaf.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
वहाँ, अनेक रंग अभी भी योजना के परदे में छिपे हुए हैं। यहाँ, मेरे लिए, चिराग की लौ ही मेरी मेंहदी की पत्ती है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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