आज़ादी-ए-नसीम मुबारक कि हर तरफ़
टूटे पड़े हैं हल्क़ा-ए-दाम-ए-हवा-ए-गुल
“Blessed is the freedom of the breeze, for everywhere lie shattered the rings of the rose's alluring snare.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हवा की आज़ादी मुबारक हो, क्योंकि हर तरफ़ गुलाब के मोहक जाल के छल्ले टूटे पड़े हैं।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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