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अपने पे कर रहा हूँ क़यास अहल-ए-दहर का समझा हूँ दिल-पज़ीर मता-ए-हुनर को मैं

I measure the world's folk by my own self, I've deemed art's worth as pleasing to the heart.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

मैं दुनिया के लोगों को अपने ही अंदाज़े से आंक रहा हूँ। मैंने कला की संपत्ति को दिल को भाने वाला समझा है।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

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