बहा है याँ तक अश्कों में ग़ुबा-ए-कुल्फ़त-ए-ख़ातिर
कि चश्म-ए-तर में हर इक पारा-ए-दिल पा-ए-दर-गिल है
“The dust of heart's anguish has flowed in tears, here, to such extent,That every piece of heart in wet eyes, is mired, stuck and spent.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हृदय के कष्ट की धूल आँसुओं में यहाँ तक बही है कि नम आँखों में दिल का हर टुकड़ा कीचड़ में फँसा हुआ है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
