हम-सुख़न तेशा ने फ़रहाद को शीरीं से किया
जिस तरह का कि किसी में हो कमाल अच्छा है
“His axe made Farhad converse with Shirin; Whatever kind of excellence one possesses is good.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
फ़रहाद के बात करने वाले कुल्हाड़े ने उसे शीरीं से मिलवाया। किसी में भी जिस तरह का कमाल हो, वह अच्छा होता है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
