सर्फ़ा है ज़ब्त-ए-आह में मेरा वगर्ना में
तोमा हूँ एक ही नफ़स-ए-जाँ-गुदाज़ का
“My saving grace in silent sighs does lie,Else one soul-melting breath would make me die.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरा फ़ायदा अपनी आहों को दबाने में है, वरना मैं एक ही जान पिघला देने वाली साँस का शिकार हूँ।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
