वो ज़िंदा हम हैं कि हैं रू-शनास-ए-ख़ल्क़ ऐ ख़िज़्र
न तुम कि चोर बने उम्र-ए-जावेदाँ के लिए
“We are truly alive, O Khizr, for we are known among people;Not you, who stole eternal life merely for yourself.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हे खिज़्र, हम ही असल में ज़िंदा हैं क्योंकि हम लोगों में जाने जाते हैं। तुम नहीं, जो सिर्फ अमर जीवन के लिए चोर बन गए।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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