दर्द से दर-पर्दा दी मिज़्गाँ-सियाहाँ ने शिकस्त
रेज़ा रेज़ा उस्तुख़्वाँ का पोस्त में नश्तर हुआ
“Through pain, those dark-lashed ones covertly dealt defeat,Each fragment of bone became a lancet within my skin.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
दर्द के माध्यम से, उन काली पलकों वालों ने परदे के पीछे से हार दी। मेरी हर हड्डी का टुकड़ा त्वचा में नश्तर की तरह चुभने लगा।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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