नाला-ए-दिल ने दिए औराक़-ए-लख़्त-ए-दिल ब-बाद
याद-गार-ए-नाला इक दीवान-ए-बे-शीराज़ा था
“The heart's lament scattered the pages of its fragments to the wind,The only memorial of that wail was a diwan without binding.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
दिल की आह ने दिल के टुकड़ों के पन्नों को हवा में बिखेर दिया। उस आह की एकमात्र यादगार एक बिना बाइंडिंग का काव्य-संग्रह थी।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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