ख़ल्वत-ए-आबला-ए-पा में है जौलाँ मेरा
ख़ूँ है दिल तंगी-ए-वहशत से बयाबाँ मेरा
“My restless wanderings are within the solitude of a foot-blister;My heart, blood from the anguish of madness's confinement, is my wilderness.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरा बेचैन भटकना मेरे पाँव के छाले की एकांतता में सीमित है। मेरे दिल का खून, वहशत की तंगी से, मेरा रेगिस्तान बन गया है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
