दिल-ए-बेदार पैदा कर कि दिल ख़्वाबीदा है जब तक
न तेरी ज़र्ब है कारी न मेरी ज़र्ब है कारी
“Create a heart that is awake, for the heart is asleep until Your strike, or my strike, is felt.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
जागृत दिल पैदा करो, क्योंकि दिल तब तक सोता है जब तक तेरी या मेरी कोई चोट महसूस नहीं होती।
विस्तार
यह शेर अल्लामा इकबाल का एक गहरा आह्वान है.... यह कहते हैं कि हमें हमेशा 'जागते दिल' (Dil-e-bedar) को ज़िंदा रखना चाहिए। जब तक न आप कोई कदम उठाएं, और न मैं... तब तक हमारा दिल एक गहरी नींद में डूबा रहता है। शायर कहते हैं कि जीवन और इश्क़ दोनों को जगाए रखना पड़ता है! यह सिर्फ़ एक एहसास नहीं, बल्कि एक ज़िम्मेदारी है।
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