कर बुलबुल-ओ-ताऊस की तक़लीद से तौबा
बुलबुल फ़क़त आवाज़ है ताऊस फ़क़त रंग
“The imitation of the nightingale and the peacock is repentance; the nightingale is merely the voice, and the peacock is merely the color.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
बुलबुल और मोर की नकल करने से तौबा करो; बुलबुल केवल आवाज़ है और मोर केवल रंग।
विस्तार
यह शेर हमें दिखावे और असली पहचान के फर्क के बारे में बताता है। शायर कहते हैं कि केवल बुलबुल की आवाज़ की नक़ल करने या मोर के रंग-रूप की नकल करने से तौबा नहीं हो सकती। क्योंकि बुलबुल का तो सिर्फ़ गाना है, और मोर का तो सिर्फ़ रंग! मतलब, असली चीज़ तो अंदर की सच्चाई होती है, बाहर का दिखावा नहीं।
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