मिरा सबूचा ग़नीमत है इस ज़माने में
कि ख़ानक़ाह में ख़ाली हैं सूफ़ियों के कदू
“It is a great blessing in this world that the Sufis' lodges are empty in the khanqah.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
इस ज़माने में मेरा सौभाग्य है कि खानक़ाह में सूफ़ियों के कदू ख़ाली हैं।
विस्तार
यह शेर अल्लामा इकबाल जी द्वारा कहा गया है और यह आध्यात्मिक निराशा को दर्शाता है। शायर कहते हैं कि इस ज़माने में एक अजीब 'ग़नीमत' है कि ख़ानक़ाह में सूफ़ियों के पारंपरिक कदू (मिलन) नहीं हैं। इसका मतलब है कि यह एक आध्यात्मिक उत्साह में गिरावट को दिखाता है, जो हमें आज के दौर में आस्था और परंपरा की स्थिति पर सवाल उठाने को मजबूर करता है।
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