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ख़ुश गई है जहाँ को क़लंदरी मेरी वगर्ना शे' मिरा क्या है शाइ'री क्या है

My magic has brought joy to this place, Otherwise, what is my verse, what is my poetry?

अल्लामा इक़बाल
अर्थ

मेरे कलंदरी से जहाँ खुश हो गया है, वरना मेरा शेर और मेरी शायरी क्या है।

विस्तार

यह शेर बताते हैं कि किसी शायर की शायरी का महत्व सिर्फ शब्दों में नहीं होता, बल्कि शायर की अपनी आत्मा और उसके अस्तित्व में होता है। शायर कह रहे हैं कि जब मेरी 'कलंदरी' (यानी मेरा आध्यात्मिक या सच्चा स्वरूप) जहाँ को खुशी दे गई है, तभी मेरी शायरी का कोई मोल है। इसके बिना, ये अल्फ़ाज़ बस हवा में खो जाएंगे।

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