बर्ग-ए-गुल पर रख गई शबनम का मोती बाद-ए-सुब्ह
और चमकाती है उस मोती को सूरज की किरन
“On the petal of the flower, the dewdrop's pearl was placed by the morning breeze, And the sun's ray makes that pearl shine.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
फूल की पंखुड़ी पर सुबह की हवा ने ओस की मोती रखी, और सूरज की किरण उस मोती को चमकाती है।
विस्तार
यह शेर बहुत ही खूबसूरत तसव्वुर पेश करता है। शायर सुबह की हवा के बाद, फूलों की पंखुड़ियों पर पड़ी ओस की बूँदों को मोती जैसा बताते हैं। और फिर, सूरज की किरणें आती हैं और उन मोतियों को चमका देती हैं। यह ज़िंदगी के उन पलों का बेहतरीन रूपक है, जो बहुत ही नाज़ुक और क्षणिक होते हैं, लेकिन जब रौशनी पड़ती है, तो कमाल की चमक बिखेरते हैं।
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