भरी बज़्म में राज़ की बात कह दी बड़ा बे-अदब हूँ सज़ा चाहता हूँ

“In the crowded gathering, I revealed the secret truth; insolent as I am, I now seek my punishment.”

— अल्लामा इक़बाल
अर्थ

मैंने भरी महफ़िल में राज़ की बात ज़ाहिर कर दी है; मैं बहुत बे-अदब हूँ और इसके लिए सज़ा चाहता हूँ।

विस्तार

यह शेर उस बेबाक दिल की आवाज़ है जो दुनिया के बनाए दिखावटी तौर-तरीक़ों की ज़रा भी परवाह नहीं करता। भरी महफ़िल में दिल का छुपा हुआ राज़ बयाँ कर देना बगावत और सच्ची मोहब्बत की निशानी है। यहाँ ख़ुद को 'बे-अदब' कहना कोई पछतावा नहीं, बल्कि सच बोलने की हिम्मत का एक निडर अंदाज़ है, जहाँ आशिक़ सच की खातिर सज़ा भुगतने को भी अपनी शान समझता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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