नख़चीर-ए-मोहब्बत का क़िस्सा नहीं तूलानी
लुत्फ़-ए-ख़लिश-ए-पैकाँ आसूदगी-ए-फ़ितराक
“The tale of love is not a lengthy saga, It is merely the pleasure of the pure and the bliss of freedom.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
प्रेम की कहानी कोई लंबी गाथा नहीं है, यह तो केवल शुद्ध आनंद का सुख और आज़ादी का परमानंद है।
विस्तार
अल्लामा इकबाल साहब यहां हमें याद दिला रहे हैं कि मोहब्बत की कहानी कोई साधारण किस्सा नहीं है। उनका कहना है कि इश्क़ का असली दर्द, किसी बड़े झगड़े या मुलाकात में नहीं होता.... बल्कि वह तो महबूब की उस बेपरवाह, उस पाक आसूदगी में होता है। यह बेरुखी ही सबसे बड़ा तड़प देने वाला एहसास है!
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