कोई तक़दीर की मंतिक़ समझ सकता नहीं वर्ना
न थे तुर्कान-ए-उस्मानी से कम तुर्कान-ए-तैमूरी
“No one can understand the logic of destiny, for the Turkish Empire was no less than the Timurid Empire.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
कोई तक़दीर का तर्क कोई नहीं समझ सकता, वरना तैमूरी साम्राज्य उस्मानी साम्राज्य से कम नहीं होता।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ इतिहास नहीं है, यह एक ज़बरदस्त दावा है! शायर कहते हैं कि हमारी तक़दीर का मंतिक समझना किसी के बस की बात नहीं है। हमारी जो शान और हमारा जो वजूद था.... वह इतना बुलंद था कि वो तुर्कान-ए-उस्मानी से कम नहीं था। यह शेर हमें सिखाता है कि जब इरादे मज़बूत हों, तो कोई भी शक्ति हमें झुका नहीं सकती। यह एक आत्म-गौरव का नज़राना है।
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