“As long as, O God, this sorrowful soul abides within my frame, / May my gaze remain youthful, and my heart keep beauty's flame.”
हे ईश्वर! जब तक मेरे शरीर में यह दुखी जान रहे, मेरी नज़रें हमेशा जवान रहें और मेरा दिल ख़ूबसूरत बना रहे।
यहाँ शायर खुदा से एक बेहद प्यारी दुआ मांग रहा है कि ज़िंदगी चाहे कितनी भी मुश्किलों और ग़मों से भरी क्यों न हो, उसका दिल कभी बेरंग और सर्द न पड़े। वह जिस्मानी उम्र की नहीं, बल्कि अपने अंदर के अहसास की ताजगी सलामत रखना चाहता है—ताकि आँखें दुनिया के हुस्न को देखकर हैरान होती रहें और दिल में चाहत व अच्छाई ज़िंदा रहे। यह शेर हमें याद दिलाता है कि असली जवानी दरअसल ज़िंदगी के प्रति एक संवेदनशील और मोहब्बत भरा नज़रिया बनाए रखने में है।
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