लीक पुरानी को तजें , कायर कुटिल कपूत। लीख पुरानी पर रहें , शातिर सिंह सपूत॥ 126॥
“Abandon the old deceit, the cowardly and cunning son. Upon the old writing remain, the sly and brave son.”
— कबीर
अर्थ
पुराने धोखे को त्याग दो, कायर और कुटिल पुत्र। पुराने लेख पर बने रहो, शातिर और बहादुर पुत्र।
विस्तार
यह दोहा हमें समझाता है कि कौन कैसा होता है। जो लोग कायर होते हैं, कुटिल चालें चलते हैं और कुल का नाम डुबोते हैं, वे हमेशा पुरानी मर्यादाओं और नेक रास्तों को छोड़ देते हैं। लेकिन जो समझदार, शेर जैसे पराक्रमी और सच्चे सपूत होते हैं, वे उन पुरानी, गहरी जड़ों वाली सीखों और आदर्शों पर अटल रहते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि यही असली ताकत है।
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