Sukhan AI
मैं रोऊँ सब जगत् को , मोको रोवे कोयमोको रोवे सोचना , जो शब्द बोय की होय226

If I weep, no one in the world weeps for me; no one weeps at my thoughts, whatever words I utter.

कबीर
अर्थ

यदि मैं रोऊँ तो संसार में कोई नहीं रोएगा, और मैं जो कुछ भी सोचूँ या शब्द बोलूँ, उस पर भी कोई नहीं रोएगा।

विस्तार

कबीर दास जी यहाँ कितनी मार्मिक बात कह रहे हैं कि वो तो सारे संसार के दुखों पर रोते हैं, पर जब उन्हें ज़रूरत होती है, तो उनके लिए कोई नहीं रोता। पर फिर वो कहते हैं कि असल में उनके लिए कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि उनके गहरे विचार और वो शब्द रोते हैं, जो वो बीज की तरह बोते हैं। ये शब्द ही तो उनकी विरासत हैं, जो समय के साथ फलते-फूलते हैं और लोगों के दिलों में जगह बनाते हैं। यह एक तरह से उनके अमर संदेश हैं, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी गूंजते रहते हैं।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.

← Prev26 / 10