कबीर कलिजुग आइ करि , कीये बहुत जो भीत। जिन दिल बांध्या एक सूं , ते सुख सोवै निचींत॥ 272॥
“Kabir, in this age of Kali, you have done many things. From the heart that was tied to one, that is where you found happiness.”
— कबीर
अर्थ
कबीर! कलियुग में आकर तुमने बहुत कुछ किया। जिस दिल से एक संबंध बांधा, तुम्हें उसी से सुख मिला।
विस्तार
कबीर जी यहाँ हमें समझा रहे हैं कि इस कलियुग के भागदौड़ भरे समय में हम अक्सर कई चीज़ों के पीछे भागते हैं, पर सच्चा सुख नहीं मिलता। वे कहते हैं कि जब हमारा दिल किसी एक ही सच्चाई, किसी एक ही ईश्वर या विचार से जुड़ जाता है, तो हमें भीतर से वो अद्भुत शांति और निश्चिंतता मिलती है। ये बिल्कुल वैसे है जैसे सब उलझनों को छोड़कर एक शांत किनारे पर आकर बैठ जाना, जहाँ मन को कोई चिंता नहीं सताती।
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