जग में युक्ति अनूप है , साधु संग गुरु ज्ञान। तामें निपट अनूप है , सतगुरु लागा कान॥ 474॥
“In the world, the wisdom of the saint, the teacher's knowledge, is unique. But the wisdom of the true Guru, who adorns the ear, is incomparably unique.”
— कबीर
अर्थ
इस जग में साधु का ज्ञान और गुरु की युक्ति अनूठी है। पर सतगुरु का वह ज्ञान जो कान में लगा है, वह उससे कहीं ज़्यादा अद्भुत है।
विस्तार
कबीर दास जी कहते हैं कि इस दुनिया में संतों और गुरुओं का ज्ञान बहुत खास और अनमोल होता है। पर सद्गुरु का ज्ञान, जो हमारे कानों में उतरकर दिल में बस जाए, वह सबसे अलग और अनुपम है। यह सिर्फ सुनी-सुनाई बात नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक गहरी कला है, जो हमें खुद से जोड़ती है और अंदरूनी सच्चाई का रास्ता दिखाती है।
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