बलिहारी गुरु आपनो , घड़ी-घड़ी सौ सौ बार। मानुष से देवत किया करत न लागी बार॥
“To the Guru, who for me is worth more than countless lives, For treating humanity as if it were divine, countless times.”
— कबीर
अर्थ
गुरु के आप पर बलिहारी है, जो मनुष्य से देवता जैसा व्यवहार करते हैं, वह बार-बार नहीं हो सकता।
विस्तार
कबीर दास जी यहाँ अपने गुरु के प्रति असीम कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं। वे कहते हैं कि मैं अपने गुरु पर घड़ी-घड़ी, सौ-सौ बार न्यौछावर हूँ, क्योंकि उन्होंने मुझे पल भर में साधारण मनुष्य से देवता बना दिया। यह गुरु की महिमा है कि वे बिना किसी देर के, सहजता से व्यक्ति के भीतर के देवत्व को जगा देते हैं। यह बताता है कि सच्चे गुरु की कृपा से मनुष्य का जीवन कैसे पूर्णतः बदल जाता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
