Sukhan AI
घट का परदा खोलकर , सन्मुख दे दीदारबाल सनेही सांइयाँ , आवा अन्त का यार61

Opening the curtain of the pot, [he] gave a sight to the eyes. Oh, dear beloved, companion of the soul, friend of the heart.

कबीर
अर्थ

घट का परदा खोलकर, उसने सामने दीदार दिया। हे बाल सनेही सांइयाँ, तू ही अंतर का यार है।

विस्तार

कबीर यहाँ 'घट का परदा खोलना' कहकर हमारे मन पर पड़े अज्ञान और अहंकार के परदे को हटाने की बात कर रहे हैं। यह 'घट' हमारे शरीर या सीमित अस्तित्व का प्रतीक है, और जब यह परदा हटता है, तो हमें उस परम सत्ता का सीधा दर्शन होता है। कबीर कहते हैं कि हमारा वह 'बाल सनेही सांइयाँ', हमारा सच्चा साथी, जिसे हम बाहर ढूंढते हैं, वह दरअसल हमारे ही भीतर, हमारी आत्मा के सबसे गहरे कोने में विराजमान है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.

← Prev58 / 10