“You protected Draupadi's honor, You extended her garment.”
आपने द्रौपदी की लाज बचाई और आपने उसके वस्त्र को बढ़ाया।
यह पंक्ति महाभारत के एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रसंग की याद दिलाती है। जब द्रौपदी का अपमान किया जा रहा था और उन्हें वस्त्रहीन करने का प्रयास हो रहा था, तब उन्होंने भगवान कृष्ण को पुकारा। उनकी पुकार पर, कृष्ण ने चमत्कारिक रूप से द्रौपदी की साड़ी को अनंत कर दिया। इस दैवीय हस्तक्षेप ने न केवल उन्हें घोर अपमान से बचाया, बल्कि उनकी मर्यादा और सम्मान की भी रक्षा की। यह घटना दर्शाती है कि कैसे ईश्वर अपने भक्तों की लाज रखते हैं और विषम परिस्थितियों में उनकी सहायता करते हैं।
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