मुआ कोहकन बे-सुतूँ खोद कर
ये राहत हुई ऐसी मेहनत के बाद
“After digging out the mouth of the earthen pot, Such relief came after all this toil.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मिट्टी के घड़े का मुँह खोदने के बाद, इतना आराम मिला, इतनी मेहनत के बाद।
विस्तार
यह शेर हमें जीवन के सबसे बड़े सत्य के बारे में बताता है। शायर कहते हैं कि जो सुकून, जो राहत मिलती है न... वह बिना किसी संघर्ष के नहीं मिल सकती। 'मुआ कोहकन बे-सुतूँ खोद कर'—यानी रास्ता बनाना कितना मुश्किल काम है! लेकिन इसी मेहनत के बाद जो सुकून मिलता है, वो अनमोल होता है। यह शेर बताता है कि दर्द और कोशिशों के बाद ही ज़िंदगी में असली शांति आती है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
