न हम-रह कोई ना कसी से गया
मिरी लाश ता-गोर तन्हा गई
“Neither I, nor my beloved, went anywhere with anyone else; only my body went alone to Tagore.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
न मैं, न मेरा प्रिय कोई किसी के साथ गया; केवल मेरा शरीर तानसेन और टैगोर के पास अकेला गया।
विस्तार
यह शेर एक गहरे अकेलेपन और आत्म-निर्भरता की बात करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि न मेरा जीवन किसी के साथ गया और न ही मेरी लाश। यह एक बहुत ही गहरा बयान है... कि मेरा वजूद, मेरी राह और मेरी मौत, ये सब मेरे अपने हैं। मैं अपनी तन्हाई में जीना जानता हूँ।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
