मर गए पर भी खुली रह गईं आँखें अपनी
कौन इस तरह मुआ हसरत-ए-दीदार के साथ
“Though dead, my eyes remained wide open, Who else could keep them so, with longing to see?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मर जाने के बाद भी मेरी आँखें खुली रहीं, कौन इस तरह मुलाकात की चाहत के साथ रख सकता है।
विस्तार
यह शेर इश्क़ की उस गहराई को बयान करता है, जहाँ मौत भी सुकून नहीं दे पाती। शायर कहते हैं कि मेरा दिल और मेरी आँखें, वो महबूब को देखने की चाहत में, मरने के बाद भी खुली रह गईं। यह कैसी शिद्दत है.... कि रूह को भी नींद नहीं आती। यह इश्क़ नहीं है, यह एक जुनून है जो ज़िंदगी और मौत की हदें पार कर जाता है!
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
