काफ़ी है महर क़ातिल महज़र पे ख़ूँ के मेरे
फिर जिस जगह ये जावे उस जा ही मो'तबर है
“Enough is the blood I shed on the grave of love's killer; where I go next, that place is sacred.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे महबूब की कब्र पर मेरे रक्त का काफी हो चुका है; मैं जहाँ भी जाऊँगा, वह जगह पवित्र होगी।
विस्तार
यह शेर त्याग और गहरे भावनात्मक प्रभाव की बात करता है। शायर कह रहे हैं कि अगर मेरा खून महर (किसी की दहलीज) पर गिर चुका है, तो यह मायने नहीं रखता कि यह आगे कहाँ जाएगा। जो भी जगह यह खून छूएगा, वह जगह अपने आप पवित्र और महत्वपूर्ण हो जाएगी। यह हमारे कार्यों के स्थायी असर को बयां करता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
