इस दश्त में ऐ सैल सँभल ही के क़दम रख
हर सम्त को याँ दफ़्न मरी तिश्ना-लबी है
“In this desert, oh friend, tread carefully with your steps; For everywhere, a thirsty mouth lies buried.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
इस रेगिस्तान में ऐ दोस्त, अपने क़दमों को संभालकर रखना, क्योंकि हर जगह कहीं न कहीं प्यासा मुँह दफ़्न पड़ा है।
विस्तार
इस शेर में मिर्ज़ा तय़म मिर्ज़ा ने जीवन के सफर को एक रेगिस्तान से जोड़ा है। शायर कहते हैं कि इस दश्त में क़दम रखते समय बहुत सँभलकर रहना। हर तरफ़ जो 'मरी तिश्ना-लबी' है, वह सिर्फ़ एक ख़तरा है। यह इशारा करता है कि ज़िंदगी में कहीं भी आप सुकून या जवाब की उम्मीद करें, आपको सिर्फ़ खालीपन और प्यास का एहसास मिलेगा। यह एक गहरा तजुर्बा है।
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