दुश्मनी जानी है अब तो हम से ग़ैरों के लिए
इक समाँ सा हो गया वो भी कि हम यारों में थे
“Now, for strangers, they know our enmity, But for our friends, a different atmosphere has formed.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अब तो हमारी दुश्मनी गैर-लोगों को पता है, लेकिन हमारे दोस्तों के लिए एक अलग ही माहौल बन गया है।
विस्तार
यह शेर उस दर्द को बयां करता है जब दोस्ती, यारी, दुश्मनी में बदल जाती है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि रिश्ता इतना गहरा था, कि अब तो ग़ैरों से दुश्मनी होना भी एक तरह की 'समाँ' (हाल) बन गई है। यह एहसास दिलाता है कि दोस्ती का टूटना कितना बड़ा नुकसान होता है, और यादों में बस वही मधुर पल रह जाते हैं।
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