“To rend asunder the cloak of patience and calm, a beloved dressed in vibrant splendor is required.”
सब्र और सुकून के लिबास को चाक करने के लिए रंगीन और आकर्षक वस्त्र पहनने वाला महबूब चाहिए।
शायर कहते हैं कि इंसान के सब्र और सुकून के पर्दे को तार-तार करना कोई आसान काम नहीं है; इसके लिए बेहद हसीन और दिलकश महबूब की ज़रूरत होती है। यहाँ अपने 'सब्र के लिबास' को फाड़ने का ज़िक्र महबूब के 'रंगीन लिबास' के मुक़ाबले में किया गया है, जो हुस्न के ग़ज़ब के असर को दिखाता है। जब ऐसा दिलकश महबूब सामने आता है, तो आशिक़ अपनी सारी संजीदगी और चैन को ख़ुशी-ख़ुशी कुर्बान कर बैठता है।
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