शब्दार्थ

फ़स्साद

fassaad

hinoun

अर्थ

फ़स्द खोलने वाला, नस काटकर ख़ून निकालने वाला जर्राह।

विस्तार

फ़स्साद उस हकीम या जर्राह को कहते हैं जो उपचार के उद्देश्य से नश्तर के ज़रिए नस (रग) काटकर ख़ून निकालता है। इस शेर में आशिक़ के बदन से रिसते ख़ून और नश्तर के दर्द को ज़ंबूर (मधुमक्खी) के डंक जैसा बताया गया है। शायरी में यह शब्द गहरे घाव, शल्य-चिकित्सा और इश्क़ के दर्दनाक इलाज की कैफ़ियत को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

अरबी मूल 'फ़-स-द' (ف-ص-د) से व्युत्पन्न कर्ता संज्ञा, जिसका अर्थ चीरा लगाकर ख़ून बहाना है।

प्रयोग

उर्दू ग़ज़ल में फ़स्साद और उसके नश्तर का ज़िक्र इश्क़ के ज़ख़्मों को हरा करने या दर्दभरे इलाज के बयान के लिए होता है।

उदाहरण

नश्तर-ए-फ़स्साद से दिल का ज़ख़्म ताज़ा हुआ

फ़स्साद की तेग़ भी दर्द की दवा न बन सकी

समानार्थी

जर्राहहकीमरक्तमोक्षक

संबंधित शब्द

फ़स्दनश्तररग-ए-जाँख़ून-ए-जिगर
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फ़स्साद meaning | Sukhan AI